‘बड़े सपने देखें, मेहनत करें और असफलताओं से सीखें’ — विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र
मुसाबनी
मुसाबनी स्थित जीसीजेडी उच्च विद्यालय के सभागार में गुरुवार को विश्व विद्यार्थी दिवस उत्साह एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विद्यार्थियों को उनके प्रेरणादायक जीवन, संघर्ष, वैज्ञानिक उपलब्धियों और शिक्षा के प्रति समर्पण से परिचित कराया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने डॉ. कलाम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुरारी प्रसाद सिंह ने डॉ. कलाम के जीवनवृत्त पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की अनुपम मिसाल है। 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में जन्मे डॉ. कलाम ने साधारण परिवार से निकलकर अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान बनाई। भारत के अंतरिक्ष एवं मिसाइल कार्यक्रमों में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने वर्ष 2002 से 2007 तक देश के 11वें राष्ट्रपति के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।
प्रधानाध्यापक ने कहा कि डॉ. कलाम को बच्चों और युवाओं से विशेष लगाव था। उनका मानना था कि विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं और उनकी प्रतिभा, ज्ञान एवं रचनात्मक सोच से विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है। वे विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, निरंतर सीखने, असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सबक लेने और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए लगातार प्रयास करने की प्रेरणा देते थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इंटर कॉलेज के प्राचार्य शिवपूजन सिंह चौहान ने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन प्रत्येक विद्यार्थी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके आदर्शों को अपनाकर विद्यार्थी न केवल अपने जीवन में सफलता हासिल कर सकते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण पर ध्यान देने तथा अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर शिक्षक विनोद कुमार लाल, कृष्ण कुमार, वासुदेव गिरी और किरण कुमारी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने डॉ. कलाम के जीवन से जुड़ी प्रेरक घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल कीं। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि असफलता सफलता की राह में बाधा नहीं, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का अवसर है।
कार्यक्रम में नौवीं कक्षा की छात्रा सुहाना शेख ने अंग्रेजी में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी प्रस्तुत करते हुए उनकी वैज्ञानिक उपलब्धियों, राष्ट्र के प्रति योगदान और प्रेरणादायक व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन, ईमानदारी, परिश्रम और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित रहने का सामूहिक संकल्प दिलाया गया। आयोजन को सफल बनाने में शिक्षक निमाई मार्डी, विष्णु पातर, राज मार्डी, राहुल लामा, मोहम्मद जहीरुद्दीन अंसारी सहित अन्य शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।









