पोक्सो एक्ट, बाल विवाह, बाल श्रम और डायन प्रथा पर दी गई जानकारी; जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता लेने की अपील
मुसाबनी
जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), जमशेदपुर एवं अनुमंडल विधिक सेवा समिति, घाटशिला के सचिव के निर्देश पर गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को मुसाबनी प्रखंड की पश्चिमी मुसाबनी पंचायत भवन में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से डालसा की न्याय रथ ने ग्रामीणों तक कानूनी अधिकारों और सरकारी विधिक सेवाओं की जानकारी पहुंचाई।

इस अवसर पर डीएलएसए के एलएडीसी अभिनव श्रीवास्तव ने ग्रामीणों, महिलाओं और पंचायत प्रतिनिधियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यों एवं उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने मौलिक अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हुए पोक्सो एक्ट, बाल विवाह, बाल श्रम, डायन प्रथा तथा लोक अदालत जैसे महत्वपूर्ण कानूनी विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कानूनी जानकारी के अभाव में लोग कई बार अपने अधिकारों और उपलब्ध सहायता से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में विधिक जागरूकता समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर विशेष जोर देते हुए किसी भी समस्या या सहायता की आवश्यकता होने पर चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क करने की अपील की गई। वहीं, निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को कानून के प्रति जागरूक करना, जरूरतमंदों तक विधिक सहायता की जानकारी पहुंचाना तथा महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
इस जागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में पश्चिमी मुसाबनी पंचायत की मुखिया बसंती सोरेन, पश्चिमी मुसाबनी की जेंडर सीआरपी सरस्वती पातर, मेढ़िया पंचायत की जेंडर सीआरपी सलमा मार्डी, डालसा के पीएलवी ब्रज कुमार सोरेन तथा पंचायत प्रतिनिधियों का सराहनीय योगदान रहा।









